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3. Reiki

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                                                              रेकी (REIKI) का अर्थ और महत्व   रेकी जापानी भाषा का एक शब्द हैं जिसका अर्थ है ‘‘ सर्वव्यापी जीवन शक्ति ’’ ( Universal Life Force Energy) जापान  की भाषा में ‘ रे ’ का अर्थ सर्वव्यापी और ‘ की ’ का अर्थ इस सम्पूर्णविश्व और इसमें आने वाली प्रत्येक जीवित और निर्जीव  वस्तु को जीवन देने वाली प्राणदायी शक्ति है। हम सभी इस शक्ति को लेकर इस विश्व में आते है और अन्तिम क्षणें तक इसी  शक्ति के प्रभाव में रहते हैं। यही शक्ति हमारे सम्पूर्ण जीवन का संचालन करती है। इस शक्ति को विकसित कर के परम  आनन्द की प्राप्ति की जा सकती है।रेकी क्या नहीं है - रेकी कोई धर्म, समुदाय, पंथ, तंत्र-मंत्र, सम्मोहन से संबंधित नहीं है। यह बहुत ही सरल पद्धति है जो    किसी भी उम्र का व्यक्ति चाहे वह छोटा हो या बड़ा , अमीर हो या गरीब सीख सकता है।रेकी की विशेषताएॅं और लाभ - बिना किसी दवा खुराक के इलाज होता है। तेज बुखार में रेकी बहुत फायदेमंद है। सम्बन्धो को सुधरने में रेकी का उपयोग किया जा सकता है। बुरी आदतो को छुड़ाने , तनावों से मुक्ति  जैसे - नर्वस टेन्शन , सिरर्दद , अनिंन्द्रा ,हकलाना , आत्मविश्वास की कमी , हीन भावना , आत्महत्या के विचार , हाईपर टेन्शन जैसी मानसिक बीमारियों में रेकी बहुत फायदेमंद है। रेकी से  शरीर की शक्ति का सन्तुलन होता है। समझने और करने में अत्याधिक सरल है। बीमारी की मूल जड़ पर असर होता है। रेकी का कोई दुष्परिणाम नहीं होता है। इसमें रोगी अपना इलाज अपने आप कर सकता है। वर्तमान समय में तनावों और दुख-दर्दों से मुक्ति प्राप्त करने का यह एक सरल उपाय है।रेकी का इतिहास  -  डॉ. मिकाओ उसुई को रेकी का संस्थापक माना गया है। डॉ. मिकाओ उसुई क्योटा विश्वविद्यालय में वरिष्ठ प्राध्यापक थे। उन्हों ने बिना दवा उपचार की पद्धति रेकी का शोध किया और लौगों को समझायॉ कि रेकी एक महत्वपूर्ण उर्जा है और इस उर्जा का आदान-प्रदान आवश्यक है। इसमें रोगी अपना इलाज अपने आप कर सकता है। यह विद्या धीरे धीरे पूरे विश्व में फैलती गई। विभिन्न  पाश्चात्य देशों , जापान , जर्मनी और विशेषकर अमेरिका में इसे बहुत महत्व दिया जा रहा है। वहॉं बाकायदा इसके सेन्टर चलाये जा रहे हैं। पिछले कुछ सालों से रेकी का बहुत चलन भारत में हो गया है। इस विद्याा को बहुत तेजी से जापानी विद्या के रूप में स्वीकारा जा रहा है।रेकी का मुख्य आधार - रेकी का मुख्य आधार है किया जाने वाला शक्तिपात। शक्तिपात एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें शक्तिपात लेने वाला रेकी स्टूडेन्ट को कुछ न कुछ विशेष अनुभव होता है और कुछ नहीं तो ठंड लगना या रीढ़ की हड्डी में सरसनाहट होना या सिर से कोई गर्म चीज अन्दर थर्राट से भीतर जा रही है का अनुभव होता है , पर ऐसा नहीं कि जिसे बिल्कुल कुछ भी नहीं महसूस होता है , उसका शक्तिपात ठीक से नहीं हुआ है। रेकी शक्ति बहुत सूक्ष्म शक्ति होती है।प्रत्येक मनुष्य उस ईश्वरी शक्ति उस असीम सता का ही एक अंश है परन्तु यह दिव्य शक्ति सुप्त अवस्था में रहती है। रेकी शक्तिपात के द्धारा इस शक्ति को जागृत किया जाता है। मनुष्य की साधारण शक्ति को उस परम पिता की शक्ति से जोड़ दिया जाता है। एक बार शक्तिपात हो जाने के बाद व्यक्ति  उस परम केन्द्र पर हमेशा के लिए जुड़ जाता है।       रेकी में जब रेकी मास्टर के द्धारा विद्यार्थी का शक्तिपात किया जाता है तो ब्रह्मांड में बिखरी पॉजीटिव शक्ति शरीर में स्थित चक्रों से क्राउन चक्र , विशुद्ध चक्र और हृदय चक्र से फैल कर हाथों में प्रवाहित होने लगती है। इस शक्तिपात के बाद विद्यार्थी के साधारण हाथ , चिकित्सक या हीलिंग हाथ बन जाते है।           रेकी में फर्स्ट डिग्री में हाथ से स्पर्श करके विभिन्न प्रकार की अपनी शारीरिक और मानसिक बीमारियों और तकलीफों को दूर किया जा सकता है। सेकेंड डिग्री दूर से संकल्प शक्ति के द्धारा डिस्टेंट हीलिंग की जाती है। और वह दुसरे व्यक्ति को ,चाहे वह कहीं पर भी रहता हो उसे रेकी भेजी जा सकती है उसके बाद थर्ड ‘ ए ’ में मास्टर हीलर बनता है फिर मास्टर टीचर की डिग्री थर्ड ‘ ब ’आती है। प्राचीन और आधुनिक सभी चिकित्सा पद्धतियों में रेकी ही एक ऐसी चिकित्सा पद्धति है जिसमें अपने हाथों के अलावा और किसी उपकरणों की आवश्यकता नहीं होती है। यह करने और समझने में बहुत सरल विद्या ।

REIKI   COURSE  CHARGES

    

            REIKI   COURSE

                     ( IN DEHRADUN )

 

 

    DURATION

 

 

 

 

  AMOUNT IN RUPEE

 

Beginner's level , called First Degree

 

    One Day

 

      Rs.2000/-

 

Advanced level , called Second Degree

 

   Two Days

 

       Rs.4000/-

 

Reiki Master( A ) -  called Third Degree

 

  Two Days

 

      Rs.10000/-

 

Reiki Master( B ) -  called Third Degree

 

   Two Days

 

      Rs.10000/-

 

PROFESSIONAL  Reiki Master COURSE called Grand Master course

 

  Three  Days

 

     Rs.25000/-

 

 

     Karuna Reiki Course

 

   Two Days

 

     Rs.10000/-

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

Payment Method

Master Card / Visa Card / Paytm / Airtel Money Accepted



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