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वास्तु समाधान . 3

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      घर का मुख्य द्वार अन्य दरवाजों से बड़ा होना चाहिए और मुख्य द्वार बाहर के बजाय अंदर खुलना चाहिए अन्यथा रोग की 

आशंका बढ़ जाती है। दरवाजा खुलते वक्त किसी प्रकार की आवाज नहीं आनी चाहिये। क्योकि इससे नकारात्मक उर्जा की वृद्वि होती 

है और घर में लड़ाई-झगड़ा रहता है।

     सिद्ध बीसा यंत्र - यह यंत्र मां जगदम्बा का है। दुकान की चौखट पर लगा देने से किसी प्रकार की कोई टोक नहीं लगती।  किसी

 का श्राप या बुरी नजर का असर नहीं होता। यह दुकान का रक्षा कवच है।

    भौम यंत्र - यदि दुकान में नौकरो द्वारा चोरी की जाती है या ग्राहकों द्वारा हेराफेरी की जाती है या उधारी का पैसा नहीं आ रहा तो 

स्थपित करे।

    मुख्य द्वार के दोनों ओर खिड़कियॉ नहीं होनी चाहिए इससे गृहस्वामी कई प्रकार की समस्याओं से घिर जाता है। इस दोष को दुर 

करने के लिए खिड़कियों के नीचे फूलों के गमले रख दे या खिड़कियों में आप दोनो तरफ मनीप्लांट लगा सकते है।

    घर के अंदर कांटेदार  कैक्टस  आदि या दूघ वाले पोधे लगाने से बचना चाहिये क्यांेकि इन्हे अशुभ माना जाता है। भारतीय 

ज्योतिष के अनुसार कैक्टस का कारक ग्रह राहु है। इसके कारण घर मे कैक्टस लगाने से राहु के अशुभ फलो मे वृद्धि होती है।

    जिस घर में पति पत्नी में अनबन रहती है वहां मनीप्लांट का पोधा लगाना चाहिये क्योंकि मनीप्लांट शुक्र का कारक ग्रह है। ऐसा 

माना जाता है कि जिस घर में शुक्र की उपस्थिती हो वहां पति पत्नी के संबंध मघुर होते है।

 नैऋत्य कोण में चीनी मिटृी के दो फुलदानों में सूरजमुखी के असली या कृत्रिम फूल लगाने से अच्छा जीवनसाथी मिलता है।

    घर के समीप कांटेदार वृक्ष जैसे - बबूल, कीकर आदि होने से शत्रुता बढ़ती है। दूघ वाले वृक्ष जैसे - ऑक, कठैली, पपीता आदि से  

धननाश होता है और फलदार वृक्ष संतान के लिये हानिकारक होते हैं। यदि इन वृक्षों को हटाना किसी कारणवश संभव न हो तो उनके

 बीच - बीच में शुभ फल देने वाले वृक्ष जैसे - नागकेसर, अशोक, अरिष्ट, कटहल, शमी या साल में से कोई एक लगा देने से दोष 

निवारण हो जाता है।

   घर में या घर के डराइंगरूम में नटराज की मूर्ति रखने से बचना चाहिए,क्योंकि यह शिव का तांडव प्रलयंकारी मुद्रा है। इसे नाटयम

 सिखने वाले ही उत्तर-पूर्व दिशा में रख सकते है। अन्यथा घर में झगड़ा होने की सम्भावना बनी रहती हैं।

   श्री कृष्ण जी की राधा के साथ प्रेमभाव से फोटो अपने डरंाईगरूम में आवश्य लगाए इससे घर में पति-पत्नी के अच्छे सम्बन्ध, घर

 में मधुरता, धन की रूकावटे दूर होती है।      

    रसोईघर में गैस या चूल्हे का स्लैब इस प्रकार बनाएं कि खाना बनाते  वक्त गृहिणी का मुंह सदा पूर्व की ओर रहे। घ्यान रहे गृहिणी

 का मुंह उतर या पश्चिम में होने से उस की पिंडलियों, एड़ियों में दर्द रह सकता है। अगर मुंह दक्षिण की तरफ होगाा तो सिर में दर्द

माइग्रेन होने की सम्भावना बनी रहती है।

    सस्ते तथा टूटे हुए दर्पण जो आपकी टेढ़ी-मेढ़ी तस्वीर दिखाते हों के उपयोग से बचना चाहिए। पेंटिंग किए हुए या सजावटी दर्पण

 जिन्होंने दर्पण की पूरी बाहरी सतह घेर रखी हो, के उपयोग से भी बचना चाहिए। दर्पण को कभी भी दक्षिण की दीवार में नहीं 

लगाना चाहिए, इससें घर में लड़ाई-झगड़े होते है यहॉं तककि पति-पत्नी में तलाक की नौेबत आ जाती है। 

   पानी की टंकी तथा नल से पानी की लीकेज अशुभ होती है। अगर किसी नल से पानी की बूंदे लगातार गिरती रहती है तो घन और

 सौेभाग्य का नुकसान होता रहता है। क्योंकि पानी को घन की संज्ञा दी गई है। इस लिए टंकी तथा नल से पानी की लीकेज को तुरंत

 बंद कर देना चाहिए।

    खुशहाली के लिए हंसते हुए पूरे परिवार का चित्र अपने बेडरूम के दक्षिण-पश्चिम दिशा की दिवार में लगांए सभी सदस्यो के चेहरे

 पर मुस्कान होनी चाहिये इससे हमारे भाग्य में वृद्धि होगी।

    मुख्यद्वार के बाहर या भीतर एक जौड़ा हाथी रखना सौभाग्यशाली माना जाता है। दक्षिण दिशा में सारस का जौड़ा दीर्घायु का 

प्रतीक है। दक्षिण-पश्चिम में हंस का जोड़ा रखना प्यार और रोमांस का प्रतिक हैं।

 सुनील हिंगल: वास्तु विशेषज्ञ एंव ऐनर्जी स्कैनर

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